पाठ्य पुस्तकें
कुछ कहना चाहती हैं.............
प्यारे दोस्तों,
मैं आपका दोस्त हूँ I ऐसा दोस्त जो आपको बहुत सी नई – नई जानकारीयां देगा I देश और दुनिया के बारे में बताएगा I परिवार और समाज
में मिल – जुल कर रहना सीखाएगा I चाँद और तारों के किस्से सुनाएगा
I एक जोड़ एक, दो होता है और एक और एक मिलकर
ग्यारह होते हैं कैसे ? इसका रहस्य बताएगा I एक सभ्य नागरिक बनने के सारे गुण सीखाएगा I बस.....
मुझसे दोस्ती करने के लिए आपको एक कदम बढ़ाना होगा I
Ø सबसे
पहले मुझे संभाल कर रखना होगा I जिल्द लगा कर मेरा तन ढकना होगा I जिल्द पारदर्शी हो, ताकि मेरे आवरण से हमेशा आप रु –
ब – रु हों I
Ø मुझको
बोल – बोल कर पढ़ना होगा I सुनना और समझना होगा I गुरुजी के पढ़ाने से पहले खुद मुझको पढ़कर समझने की कोशिश करनी होगी I जब समझ में न आये मेरी बात तो आप करो गुरुजी से प्रश्न I
Ø पेन्सिल
का करें इस्तेमाल, मेरे अंदर ही हर बात,
जो आपको लगे अच्छी, उसे रेखांकित कर बार – बार पढ़ें आप I
Ø पढ़ने
के साथ लिखना भी होगा I मेरे अंदर लिखी बात को समझ कर अपने शब्दों में
कॉपी पर लिखें आप I
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